देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति का देवली उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना निरंतर जारी है। संघर्ष समिति ने सरकार के सामने पुरजोर मांग रखी है कि बांध की भराव क्षमता को वर्तमान 315.50 आरएल मीटर पर ही यथावत रखा जाए, क्षमता बढ़ने से विस्थापितों के लिए बसाई गई पुनर्वास कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब जाएगी। विस्थापितों का कहना है कि बांध को ईआरसीपी (ERCP) योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, लिहाजा भराव क्षमता बढ़ाने का निर्णय जनहित में नहीं है। ज्ञापन में विस्थापितों ने पूर्व में किए गए सरकारी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि बांध निर्माण के समय टोंक जिले को प्राथमिकता से सिंचाई व पीने का पानी देने और शेष भूमि पर नहर सुविधा का वादा आज तक अधूरा है। साथ ही संघर्ष समिति ने मांग की है कि जिनकी भूमि 1.62 हेक्टेयर से अधिक डूबी है उन्हें पूरा रकबा आवंटित किया जाए, भूमि आवंटन के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए और चरागाह से बारानी भूमि रूपांतरण की फाइलों का निस्तारण कर पात्र विस्थापितों को शीघ्र भूमि दी जाए।इसको लेकर जहाजपुर विधायक गोपी चंद मीणा को ज्ञापन सौंपकर उक्त मांगो को विधानसभा में उठाने का निवेदन किया है। वही विधायक मीणा ने भी सभी विस्थापित संघर्ष समिति के लोगों को आश्वासन दिया है कि इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। इस दौरान यादराम मीणा, प्रहलाद मीणा, उदाराम कीर, गोपीचंद, रामसिंह, प्रेमचंद बैरवा, पांचूलाल मीणा, नोरत खींची, दुर्गालाल खीची, विजयलक्ष्मी, सुरेंद्र बैरवा, दिलखुश टाटावत, श्रवण, मुकेश मीणा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।



