न्याय की आस में दर दर भटकता परिवादी, प्रशासन से मिल रहे सिर्फ आश्वासन।

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देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। मंगलवार को प्रशासन व कोर्ट के दावपेच के बीच फंसा एक परिवादी युवक सुनील ग्वाला आमजन के साथ उपखंड कार्यालय देवली पंहुचा जहाँ युवक ने अपनी व्यथा उपखंड अधिकारी रूबी अंसार को सुनाई। जी,हाँ हम बात कर रहे है बहुचर्चित नेकचाल बालाजी देवली गांव सड़क मार्ग की। फरियादी युवक कोर्ट केश व प्रसाशन के झालमेल में इस कदर प्रताड़ित हो चुका है कि मन मे अप्रिय घटना के विचार घर करने लगे है। युवक का कहना है कि प्रशासन हर बार समझाइश कर भिजवा देता है। मगर स्थाई समाधान पर कभी विचार नही किया जाता। फरियादी युवक सुनील ने बताया कि मेरी आर्थिक स्तिथि मजबूत नही है में कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते हुए बर्बाद हो चुका हूं। मजबूरी में मुझे न्याय की आस में केश लड़ने के लिए अपने पुरखों की जमीन गिरवी रखते हुए कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ा है। जिसका मासिक ब्याज भी मुझे चुकाना पड़ रहा है। इससे मेरी आर्थिक स्तिथि ओर भी दयनीय हो गई है फरियादी ने बताया कि पूर्व नगरपालिका बोर्ड के चेयरमेन व तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मीणा ने मेरी खातेदारी की भूमि पर अनैतिक तरीके से सामुदायिक भवन का निर्माण करवा रखा है। वही मेरी खातेदारी की भूमि में झोल हुआ है। सोनू ग्वाला की मांग है कि उक्त जमीन जो कि खातेदारी के पुराने रिकार्ड में है उसको प्रसाशन द्वारा खातेदार को मौके पर नाप चोक करवा कर सुपुर्दगी की जाए। इस विवाद के संबंध में परिवादी पक्ष के सुनील ग्वाला ने एसडीओ को बताया कि उनके पूर्वजों की देवली गांव रोड पर कुल 29 बीघा पुश्तैनी जमीन थी। उनका दावा है कि उन्होंने इस भूमि का कोई विक्रय नहीं किया है, जबकि वर्तमान में मौके पर यह भूमि घटकर साढ़े 24 से 25 बीघा ही शेष बची है। परिवादी ने आरोप लगाया कि वर्ष 1984-85 के सेटलमेंट के दौरान उनकी खातेदारी की जमीन को गलत तरीके से सिवायचक घोषित कर नगर पालिका के नाम कर दिया गया। हर वर्ष बारिश में इस समस्या से वह भी परिचित है। उनका स्पष्ट रुख है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ उनके परिवार को भी उनकी पूरी जमीन का हक मिलना चाहिए, ताकि उन्हें भी न्याय मिल सके। परिवादी का कहना है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में लंबित है और यथास्थिति (स्टे ऑर्डर) के आदेश के कारण सड़क निर्माण कार्य रुका हुआ है। युवक से बातचीत के दौरान उपखंड अधिकारी ने ये भरोसा दिलाया है कि उक्त प्रकरण में टोंक जिला लेवल पर बैठने वाले सेटलमेंट अधिकारियो से चर्चा कर फरियादी को न्याय दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि उन्होंने ये भी स्पष्ठ किया कि कानूनी प्रक्रिया से हटकर कोई निर्णय में नही ले सकते सेटलमेंट टीम से इस मसले पर गहन चर्चा के बाद ही किसी निर्णय पर पंहुचा जाएगा। चर्चा के दौरान फरियादी युवक सुनील ग्वाला के साथ आशीष पंचोली,प्रमोद मंगल,अमित गौतम,भारत सिंह सोलंकी,दिनेश जैन,राजन नामा,सजग खंडेलवाल,अशोक दुबे,सुनील सेठी व पंकज समेत लोग मौजूद रहे।

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