साल की सबसे बड़ी निर्जला एकादशी पर श्रद्धा भक्ति व दान पुण्य का चला दौर।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)।हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते है, इस एकादशी को हिन्दू धर्म में सबसे कठिन और पुण्यदायक एकादशी मानी जाती है। शहर के कुचलवाड़ा रोड स्थित विद्युत निगम कार्यालय में विराजमान भगवान श्री सांवलिया सेठ के दरबार में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। यहां श्रद्धालुओं ने मंडफिया धाम नरेश श्री सांवरिया सेठ के पीत रंग रूपी मनमोहक विग्रह के दर्शन कर धन्य हुए। आरती के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की जयकारों से गूंज उठा। निर्जला एकादशी का व्रत कर रही महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर ठाकुर जी को जल से भरा कलश, फल, पंखी और दक्षिणा भेंट कर विशेष पूजा की। बता दे कि निगम कार्यालय में विराजमान भगवान श्री सांवलिया सेठ के दरबार में ठंडे शर्बत की छबील निपेक्षा फाइनेंस कंपनी की तरफ से लगाई गई। के.पी.सिंह नरुका ने जानकारी देते हुए बताया कि ठंडे शर्बत वितरण का कार्यक्रम सुबह से शाम तक बदस्तूर जारी रहा। इसी तरह बस स्टैंड पर दैनिक भास्कर कार्यालय के बाहर अमित गौतम व उनकी टीम ने राहगीरों को शीतल पेय पिलाया।वहीं बस स्टैंड के बाहर पंचोली मोबाइल पॉइंट के बाहर आशीष पंचोली व उनके यार बाज़ ग्रुप के साथियों ने पतंजलि ठंडाई का राहगीरों को वितरण कर पुण्य कमाया।

 

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