मोहर्रम का पर्व हक़, इंसाफपसंदी, कुर्बानी, शहादत का यादगार दिवस।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में मोहर्रम के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहीदों की शहादत में शहादतनामा पढ़ा गया, मर्सिया पढ़े गए, हाई दोष खेला गया। क़त्ल की रात को ताजियों को नगर भ्रमण पर निकाला गया। जिसमें भिश्ती मोहल्ला, कुरैशी समाज का ताजिया, एजेंसी मोहल्ला के ताजियों ने शिरकत की।शाही जामा मस्जिद भिश्ती मोहल्ला में हुसैनी लंगर कमेटी द्वारा लंगर ( हलीम, छबील )का आयोजन किया गया। कुरैशी समाज ने भी लंगर तबर्रूक बांटा। एजेंसी मोहल्ला में ताजिया कमेटी द्वारा लंगर भोज कराया गया। शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम अमन शाकिब रज़ा द्वारा हज़रत मुहम्मद (स.) के प्यारे नवासे इमामे हुसैन की शहादत विलादत पर रोशनी डालते हुए कहा की यह पर्व हमें हक़, इंसाफपसंदी, कुर्बानी, शहादत की याद दिलाता है। हमें भी हज़रत इमाम हुसैन की तरह ,हक, इंसाफ ,पर डटे रहना चाहिए। चाहे न्याय और सच्चाई की राह में कुर्बानी शहादत ही क्यों ना देनी पड़े। उक्त जानकारी समाज के पूर्व सदर अकील कुरैशी, मो.इदरीश हारून अंसारी द्वारा दी गई।

 

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